कामचोर सासंदों को अमित शाह ने सुना दी खरी-खरी !

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कहते हैं कि अगर सदन में आप संख्या में ज्यादा हैं तो आपकी स्थिति मजबूत है और आपकी हर बात को अहमियत मिलती है. वहीं अगर अच्छी संख्या होने के बाद भी आपके सांसद सदन में ना पहुंचे तो दिक्कत और बढ़ जाती है. ऐसा ही कुछ मामला सदन में उस वक्त देखने को मिला जब बुधवार को सरकार की तरफ से लोकसभा में ओबीसी आयोग संशोधन बिल पारित होना था. बिल पर चर्चा के बाद वोटिंग होनी थी लेकिन सरकार की तरफ से सदन में सदस्यों की संख्या अच्छी नहीं थी जिसकी वजह से बिल पारित होने का काम नहीं हो सका. जब यह बात पार्टी अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंची तो उन्होंने अपने सख्त तेवर दिखाए.

पंजाब केसरी के मुताबिक अमित शाह की छवि एक सख्त और कर्मठी नेता की है. अनुशासन पसंद अमित शाह को ये बात रास नहीं आई कि आखिर लोकसभा में उनकी संख्या ज्यादा होने के बाद भी पार्टी के सांसद अधिक संख्या में मौजूद नहीं रहे. बस फिर क्या था उन्होंने सख्त तेवरों में निर्देश दिया कि जिन सांसदों को सदन की कार्रवाई में रूचि नहीं है वो घर जाये. अमित शाह की तरफ से ये भी संकेत मिले कि जो सांसद सदन से नदारद रहते हैं उनके पेंच कसे जाएं. क्योंकि पार्टी किसी भी हाल में फजीहत नही करवाना चाहती.

दरअसल ऐसा कई बार हुआ है कि पार्टी की तरफ से निर्देश जारी किया गया है कि सदन में रहना जरुरी है लेकिन उसके बाद भी कई सदस्य ऐसे हैं जो सदन में उपस्थित नही रहे हैं. इसको देखते हुए पार्टी अलाकमान काफी खफा है और सख्त निर्देश मिला है कि जिन्हें सदन नहीं आना वो घर जाए.

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